गृह मंत्रालय ने कमेटी बना कर राजीव गांधी फाउंडेशन समेत गांधी परिवार के 3 ट्रस्टों की फंडिंग की जांच के आदेश दिए

गृह मंत्रालय ने कमेटी बना कर राजीव गांधी फाउंडेशन समेत गांधी परिवार के 3 ट्रस्टों की फंडिंग की जांच के आदेश दिए

गृह मंत्रालय ने कमेटी बना कर राजीव गांधी फाउंडेशन समेत गांधी परिवार के 3 ट्रस्टों की फंडिंग की जांच के आदेश दिए

नई दिल्ली 8 जुलाई (मनप्रीत सिंह खालसा):- पिछले महीने बीजेपी ने आरोप लगाया था कि मनमोहन सिंह सरकार ने प्रधानमंत्री नेशनल रिलीफ फंड (पीएनएनआरएफ) से राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसे दिए थे। बीजेपी के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा था कि पीएनएनआरएफ जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए बनाया गया था लेकिन यूपीए सरकार के कार्यकाल में इससे राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसे दिए जा रहे थे। इस पर करवाई करते हुए आज केंद्र सरकार ने कहा है कि गांधी परिवार से जुड़े तीन ट्रस्टों के खिलाफ वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच की जाएगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बुधवार सुबह एक ट्वीट में जानकारी दी है कि राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट तथा इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा इनकम टैक्स तथा वित्तीय दान से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन के खिलाफ जांच के लिए मंत्रालय द्वारा अंतर-मंत्रालयी समिति का गठन किया गया है. राजीव गांधी फाउंडेशन और राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट के मामलों की जांच अब गृह मंत्रालय की तरफ से गठित कमेटी करेगी. PMLA, आयकर और FCRA के तहत कमेटी मामलों की जांच करेगी. इस मामले में PMLA एक्ट, इनकम टैक्स एक्ट, FCRA एक्ट के नियमों के उल्लंघन की जांच की जाएगी। एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कमेटी की अगुवाई ईडी के स्पेशल डायरेक्टर करेंगे।
राजीव गांधी फाउंडेशन की वेबसाइट पर बताया गया है की पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के विजन और सपनों को पूरा करने के लिए उनके नाम से राजीव गांधी फाउंडेशन 21 जून 1991 को स्थापित किया गया था। यह फाउंडेशन साक्षरता, स्वास्थ्य, विकलांगता, वंचितों के सशक्तीकरण, आजीविका और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन सहित कई मुद्दों पर काम करता है। इसके वर्तमान फोकस क्षेत्र शिक्षा, विकलांगता और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन हैं। 
राजीव गांधी फाउंडेशन की अध्यक्ष सोनिया गांधी हैं। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम, मोंटेक सिंह अहलूवालिया, सुमन दुबे, राहुल गांधी, डॉ. शेखर राहा, प्रोफेसर एमएस स्वामीनाथन, डॉक्टर अशोक गांगुली, संजीव गोयनका और प्रियंका गांधी वाड्रा भी फाउंडेशन के ट्रस्टी हैं।
कांग्रेस ने उन पर लग रहे इन आरोपों का खंडन किया है। उसका कहना है कि चीन से साथ सीमा पर जारी संकट से ध्यान भटकाने के लिए सरकार इस तरह के आरोप लगा रही है।

बता दें की जैसे ही कांग्रेस ने चीन के साथ सीमा विवाद पर केंद्र की भाजपा सरकार पर सवाल उठाना शुरू किया, दोनों दलों के बीच राजनीतिक दोषपूर्ण खेल शुरू हो गया था। इसके बाद 20 जून को LOC में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सेना के जवान शहीद हो गए थे, जबकि कांग्रेस ने इस संकट पर केंद्र की नीतिओं पर सवाल उठाया और बीजेपी ने कांग्रेस नेतृत्व पर चीन के साथ घनिष्ठ संबंध रखने का आरोप लगाया था।