सांसद के पक्ष में खुलकर आया पासी समाज, सांसद पर लगे मुकदमे को तत्काल खारिज करने की मांग।

सांसद के पक्ष में खुलकर आया पासी समाज, सांसद पर लगे मुकदमे को तत्काल खारिज करने की मांग।

सांसद के पक्ष में खुलकर आया पासी समाज, सांसद पर लगे मुकदमे को तत्काल खारिज करने की मांग।

अखिल भारतीय पासी समाज गोरखपुर, अखिल भारतीय एकिकृत पासी समाज गोरखपुर और अखिल भारतीय पासी महासंध गोरखपुर के तीनो जिलाध्यक्षों ने संयुक्त प्रेस वार्ता करके बांसगांव से बीजेपी सांसद कमलेश पासवान पर लगाए गए सभी आरोपों को बताया बेबुनियाद और उनपर लगे मुकदमे को खारिज करने के साथ ही सांसद को अभद्र टिप्पणी और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने वालो की जांच कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।


गोरखपुर/ विगत दिनों हुए होप पेनेशिया हॉस्पिटल का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है एक तरफ जहां सांसद द्वारा दिए गए तहरीर पर कैंट थाने में एससी एसटी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया वही दूसरे पक्ष के तहरीर पर सांसद और उनके साथियों के खिलाफ लूट सहित अन्य मुकदमे कैंट थाने में दर्ज  किए गए है।वही सांसद के ऊपर दर्ज मुकदमे के खिलाफ अब पासी समाज खुलकर सामने आया आज प्रेस वार्ता के दौरान अखिल भारतीय पासी समाज,अखिल भारतीय एकिकृत पासी महासभा और अखिल भारतीय पासी समाज महासंघ गोरखपुर के जिलाध्यक्षों ने संयुक्त प्रेस वार्ता करके बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान पर लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज केंद्र और राज्य में बीजेपी की सरकार है फिर भी एक दलित नेता के साथ अत्याचार होता है और प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है उन्होंने मांग करते हुए कहा कि जो वीडियो वायरल हो रहा है।उसमे साफ देखा जा सकता है कि एक दलित सांसद को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया जा रहा है।और सांसद द्वारा इस सम्बब्ध मे एक तहरीर कैंट थाने में दिया गया ततपश्चात अनुसूचित जाति अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के उपरांत अभी तक कोई कार्यवाही नही हुई।इन सब बातों को लेकर संपूर्ण पासी समाज एकजुट होकर इसका विरोध करता है और जिला प्रशासन व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से यह मांग करता है कि दलित एक्ट के विरुद्ध सभी दोषियों को अविलंब गिरफ्तारी की जाए साथ ही सांसद बांसगांव के ऊपर फर्जी तरीके से दर्ज मुकदमे को खारिज किया जाए।उन्होंने कहा कि अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई  तो पासी समाज एकत्रित होकर आंदोलन करने को मजबूर होगा।